सरकार के दो साल पर कांग्रेस का हमला, डोटासरा बोले – राजस्थान में चल रहा है ‘पर्ची राज’

राजस्थान सरकार के दो साल पर कांग्रेस ने तीखा वार किया। डोटासरा ने सरकार को ‘पर्ची राज’ बताया और किसानों, स्वास्थ्य व रोजगार मोर्चे पर विफलता गिनाई।

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राजस्थान में भाजपा सरकार के दो साल पूरे होने पर सियासी माहौल एक बार फिर गरमा गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जहां अपनी सरकार को “सुशासन, विकास और विश्वास” का मॉडल बता रहे हैं, वहीं कांग्रेस ने इसे पूरी तरह खोखला और जनता से कट चुका बताते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने विधानसभा चुनावों में किए गए वादों, किसानों की स्थिति, स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाते हुए सरकार पर सीधा हमला बोला।

डोटासरा ने कहा कि ठीक दो साल पहले जिस “पर्ची” से मुख्यमंत्री का चयन हुआ था, आज उसी तरह की दूसरी पर्ची पढ़कर एक और राजनीतिक नाटक दोहराया गया। उनका आरोप है कि राजस्थान में लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि “पर्ची राज” चल रहा है, जहां जनता के मुद्दों पर बात करने के बजाय तैयार किए गए भाषण पढ़कर उपलब्धियों का भ्रम फैलाया जा रहा है। कांग्रेस के अनुसार, सरकार ने दो साल में ऐसा कोई ठोस काम नहीं किया, जिसे जनता अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में महसूस कर सके।

कांग्रेस ने किसानों की स्थिति को लेकर सरकार की सबसे बड़ी विफलता बताई। डोटासरा ने कहा कि किसान खाद के लिए लंबी लाइनों में खड़े हैं, कई जगह लाठियां खानी पड़ रही हैं, और सरकार सिर्फ तमाशा देख रही है। आधार कार्ड से जुड़े नए नियमों ने किसानों को और परेशान कर दिया है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी में जैसे लोग घंटों लाइन में लगे रहते थे, आज किसान खाद और आधार सत्यापन के लिए उसी तरह परेशान हैं—यह सरकार की संवेदनहीनता का सबूत है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर भी कांग्रेस ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया। डोटासरा ने कहा कि पहले मिलने वाला बीमा घटा दिया गया है, ग्रामीण क्षेत्रों में पीएचसी और सीएचसी की संख्या कम हो रही है, अस्पतालों में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की भारी कमी है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार ने स्वास्थ्य मॉडल को कमजोर कर दिया, जिससे गरीब और ग्रामीण समुदाय सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के इस दावे पर भी कांग्रेस ने सवाल खड़े किए कि सरकार ने दो साल में अपने 70% वादे पूरे कर लिए हैं। डोटासरा ने कहा कि सरकार बताएं कि किन वादों पर काम हुआ है? क्या बेरोजगार युवाओं को नौकरी मिली? क्या किसानों को राहत मिली? क्या बिजली और पानी सस्ता हुआ? क्या शिक्षा और स्वास्थ्य बेहतर हुए? कांग्रेस के अनुसार, सरकार आंकड़ों का खेल दिखा रही है, जबकि जमीनी सच इससे बिलकुल विपरीत है।

कांग्रेस का कहना है कि सरकार राष्ट्रीय योजनाओं में पहले, दूसरे या तीसरे स्थान के दावे कर रही है, लेकिन जनता तक उसका कोई ठोस लाभ नहीं पहुंच रहा। यदि राज्य वास्तव में ‘बेस्ट परफॉर्मर’ होता, तो किसान सड़क पर नहीं होते, नौजवान बेरोजगार नहीं बैठते, स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल नहीं होतीं, और गांवों में मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ता।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस अब आक्रामक मोड में है और सरकार के हर दावे को तथ्यों के आधार पर चुनौती दे रही है। सरकार के दो साल पूरे होने का मौका विपक्ष के लिए सरकार की नीतियों को कटघरे में खड़ा करने का अवसर साबित हुआ है। कांग्रेस का यह भी कहना है कि मुख्यमंत्री के बयान और सरकार की प्रेस ब्रीफिंग से साफ है कि भाजपा सरकार अपनी कमियों को स्वीकार करने के बजाय तैयार किए गए आंकड़ों के सहारे खुद को सफल दिखाने की कोशिश कर रही है।

राजस्थान की राजनीति इस समय बेहद संवेदनशील मोड़ पर है। जहां सरकार अपने दो साल के कार्यकाल को उपलब्धियों से भरपूर बताने पर जोर दे रही है, वहीं कांग्रेस लगातार जनता के मुद्दों—किसान, बेरोजगारी, स्वास्थ्य और प्रशासनिक अव्यवस्था—को सामने ला रही है। आने वाले समय में दोनों दलों के बीच यह टकराव और गहराएगा, क्योंकि कांग्रेस यह माहौल बनाने में जुटी है कि सरकार सिर्फ दिखावे की राजनीति कर रही है, जबकि जनता मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है।

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