राजस्थान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR 2026) को लेकर सियासत हर दिन गर्माती जा रही है। बीते कुछ दिनों में देशभर से BLO की मौतों की खबरें सामने आने के बाद राज्य का राजनीतिक माहौल और ज्यादा संवेदनशील हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दावा किया कि SIR के दौरान बीएलओ पर असहनीय दबाव डाला जा रहा है और इसी कारण 25 से ज्यादा BLO की मौत हो चुकी है। गहलोत ने सवाल उठाया कि जब राजस्थान में चुनाव तीन साल बाद हैं, तो इतनी जल्दबाजी और दबाव के साथ SIR क्यों कराया जा रहा है। गहलोत के इस बयान ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है, और अब भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने गहलोत के दावों पर तीखा पलटवार किया है।
राजेंद्र राठौड़ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि गहलोत का 25 BLO की मौत का दावा पूरी तरह तथ्यहीन है और इसका कोई प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने साफ कहा कि यदि गहलोत के पास मौतों की कोई सूची या रिपोर्ट है, तो उसे तत्काल सार्वजनिक किया जाना चाहिए, क्योंकि इस तरह का दावा जनता को भ्रमित करने वाला और SIR की प्रक्रिया को कमजोर करने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है। राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस SIR को बाधित करने के लिए जानबूझकर गलत जानकारी फैला रही है ताकि मतदाता सूची की शुद्धि का काम प्रभावित हो सके।
दरअसल SIR का उद्देश्य प्रदेश में मतदाता सूची को अपडेट करना, मृत मतदाताओं के नाम हटाना, नए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ना और फर्जी या अवैध मतदाताओं को सूची से बाहर करना है। निर्वाचन आयोग हर पांच वर्षों में यह प्रक्रिया कराता है ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी रहे। इसी कारण राजस्थान में BLO घर-घर जाकर फॉर्म 6, 7, 8 और 8A की जानकारी जुटा रहे हैं और ECINET पर अपलोड कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि SIR पूरी तरह स्वाभाविक और पारदर्शी प्रक्रिया है।
भाजपा नेताओं का आरोप है कि विपक्ष इस प्रक्रिया को बाधित करना चाहता है क्योंकि SIR में बड़े पैमाने पर फर्जी और डुप्लीकेट नाम हटाए जा रहे हैं, जिससे विपक्षी पार्टियों का वोट बैंक प्रभावित होने की आशंका है। यही कारण है कि बिना प्रमाण के दावे सामने लाकर राजनीतिक माहौल को भ्रमित किया जा रहा है। राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में पेपर लीक, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अव्यवस्था के कारण जनता त्रस्त थी, जबकि वर्तमान सरकार ने सुशासन के नए मानक स्थापित किए हैं।
राठौड़ ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने एक दर्जन से अधिक नीतियां लागू की हैं, 27 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट खर्च किया है और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 50 से 100 करोड़ रुपये के विकास कार्य चल रहे हैं। उन्होंने राजस्थान समिट के दौरान हुए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था 350 बिलियन डॉलर की ओर बढ़ रही है। ऐसे में विपक्ष द्वारा SIR पर सवाल उठाना केवल राजनीति है, वास्तविकता से इसका कोई संबंध नहीं।
भाजपा का दावा है कि SIR पूरी पारदर्शिता से चल रहा है और विपक्ष जानबूझकर इसे पटरी से उतारने की कोशिश कर रहा है। जब तक गहलोत 25 BLO की मौत का प्रमाण नहीं देते, तब तक यह आरोप सिर्फ राजनीतिक स्टंट माना जाएगा।


