अंता विधानसभा उपचुनाव के नतीजों के बाद राजस्थान की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने कांग्रेस और भाजपा—दोनों पर ही तीखे हमले बोलते हुए उपचुनाव को “बेईमानी” और “धनबल” का खेल करार दिया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस उम्मीदवार प्रमोद जैन भाया की जीत धन-बल के सहारे हुई है।
अजमेर में मीडिया से बातचीत के दौरान बेनीवाल ने कहा कि अंता में हर वोट पर 10,000 से 40,000 रुपए तक बांटे गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस चुनाव को पहले ही “मैनेज” कर लिया था और भाया पिछले तीन महीनों से गुप्त रूप से तैयारियों में जुटे थे। बेनीवाल ने भाजपा पर भी निशाना साधा और कहा कि “जो भाजपा कार्यकर्ता भाया पर अवैध खनन का आरोप लगा रहे थे, वही लोग उन्हें जिताने में लगे हुए थे।”
उन्होंने कहा कि भाजपा दो गुटों में बंटी रही और आपसी कलह के कारण चुनाव लड़ने की स्थिति में ही नहीं थी। बेनीवाल ने दावा किया कि कांग्रेस ने लगभग 15,000 वोट खुद खरीदे और यही जीत का असली कारण है। उन्होंने सीएम भजनलाल शर्मा पर हमला बोलते हुए कहा, “भजनलाल के खिलाफ जनता का माहौल है। आज चुनाव करा लो, भाजपा 10 सीट भी नहीं जीत पाएगी। जब तक भजनलाल बैठे हैं, तब तक बीजेपी का सत्यानाश तय है।”
बिहार में कांग्रेस कहीं दिखाई नहीं देती
अजमेर में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की दिवंगत पत्नी इंदिरा देवी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे बेनीवाल ने बिहार चुनाव रुझानों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “बिहार में कांग्रेस नाम की कोई चीज़ नहीं है। पार्टी पूरे देश से खत्म होती जा रही है।”
उन्होंने कहा कि आरएलपी ने हमेशा किसानों के हितों को प्राथमिकता दी है और इसलिए सिद्धांतों के लिए उन्होंने सत्ता छोड़ी। बेनीवाल ने कहा कि एससी, एसटी, ओबीसी, सर्व समाज और युवा मिलकर राजस्थान में तीसरा मोर्चा खड़ा करेंगे, जो आने वाले समय में भाजपा और कांग्रेस—दोनों के लिए चुनौती साबित होगा।
पंचायत चुनाव ट्रेलर, 2028 में पूरी पिक्चर
बेनीवाल ने दावा किया कि 2028 के विधानसभा चुनावों में तीसरा मोर्चा धमाकेदार एंट्री करेगा। उन्होंने कहा कि जल्द होने वाले पंचायत चुनाव इस नए राजनीतिक गठजोड़ का “ट्रेलर” होंगे, जिसमें कई प्रमुख और प्रधान तीसरे मोर्चे से जीतकर दिखाएंगे कि राज्य की जनता बदलाव चाहती है।
हाड़ौती इलाके में अपने उम्मीदवार के प्रदर्शन पर बेनीवाल ने कहा कि यह क्षेत्र भाजपा का गढ़ माना जाता है, फिर भी आरएलपी उम्मीदवार को 55,000 वोट मिले। वहीं, भाजपा और मीणा उम्मीदवार के बीच सिर्फ 150 वोट का अंतर रहा। उन्होंने कहा कि इनके इलाके में कांग्रेस उम्मीदवार की जमानत पहले भी जब्त हो चुकी थी, जिससे साफ है कि जनता मजबूत तीसरे विकल्प को उभरता हुआ देखना चाहती है।
बेनीवाल के इन आरोपों ने अंता उपचुनाव के बाद राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है, और आने वाले पंचायत चुनावों से पहले तीसरे मोर्चे की सक्रियता ने प्रदेश की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है।


