RLP प्रमुख हनुमान बेनीवाल का केंद्र पर गंभीर आरोप – जानिए पूरी खबर

हनुमान बेनीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार तेजाजी की जन्मस्थली खरनाल और मुकाम धाम के विकास पर कोई योजना नहीं चला रही। पर्यटन मंत्री ने भी बताया कि प्रस्ताव लंबित नहीं।

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राजस्थान के नागौर से सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। बेनीवाल ने कहा कि लोक देवता वीर तेजाजी महाराज की जन्मस्थली खरनाल और बिश्नोई समाज के आस्था स्थल मुकाम धाम के विकास को लेकर केंद्र के पास कोई योजना ही नहीं है। उनके अनुसार, ये दोनों धार्मिक स्थल राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान का बड़ा हिस्सा हैं, लेकिन केंद्र इन्हें पर्यटन मानचित्र पर लाने में गंभीर नहीं दिखता।

बेनीवाल ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन जब उन्होंने इन दोनों स्थलों के विकास से जुड़े सवाल उठाए, तो केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लिखित जवाब में कहा कि किसी भी स्थल के लिए कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। बेनीवाल के अनुसार, आश्चर्य की बात यह रही कि मंत्री ने जवाब में मुकाम का नाम तक नहीं लिया।

RLP प्रमुख ने कहा कि मंत्री स्वयं राजस्थान से आते हैं, ऐसे में उम्मीद थी कि वे लोक देवताओं और बिश्नोई समाज की धार्मिक आस्था से जुड़े इन स्थलों के विकास को प्राथमिकता देते। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि अगर राज्य सरकार की ओर से प्रस्ताव नहीं आया था, तो केंद्र स्वयं पहल कर सकता था। उन्होंने घोषणा की कि वह जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस मामले को उठाएंगे।

पर्यटन मंत्रालय की ओर से जारी जवाब में स्पष्ट किया गया कि खरनाल या मुकाम धाम के लिए कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है। हालांकि मंत्रालय ने यह भी बताया कि PRASAD योजना और Swadesh Darshan योजना के तहत देशभर के कई धार्मिक स्थलों पर पर्यटन अवसंरचना विकसित की जा रही है। इन दोनों योजनाओं में अब तक सैकड़ों परियोजनाएँ स्वीकृत की जा चुकी हैं।

मंत्रालय के अनुसार, राजस्थान में भी पिछले वर्षों में कई धार्मिक पर्यटन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, लेकिन तेजाजी की जन्मस्थली या मुकाम धाम इनमें शामिल नहीं हैं क्योंकि इनके लिए अब तक कोई प्रस्ताव राज्य सरकार से भेजा ही नहीं गया।

बेनीवाल ने केंद्र के रुख को निराशाजनक बताते हुए कहा कि इससे साफ दिखता है कि लोक देवताओं से जुड़े प्रमुख धार्मिक स्थलों को महत्व नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि RLP इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाएगी ताकि राजस्थान के धार्मिक स्थलों को उनका उचित दर्जा मिल सके।

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