सामाजिक सेवा की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से जाखड़ अस्पताल, नीमकाथाना में आज एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस नेक पहल का उद्घाटन भाजपा के पूर्व विधायक श्री शुभकरण चौधरी ने किया, जिनके साथ भाजपा जिला अध्यक्ष श्री मनोज बाटर भी उपस्थित रहे। शिविर में सैकड़ों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और रक्तदान कर मानवता की सेवा में योगदान दिया।
शिविर का शुभारंभ पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना के साथ हुआ। डॉ. आर.एस. जाखड़, जो अस्पताल के प्रमुख चिकित्सक हैं, ने बताया कि यह शिविर अस्पताल की सामाजिक जिम्मेदारी के तहत आयोजित किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रक्त की कमी को दूर करना और लोगों में दान की संस्कृति को प्रोत्साहित करना है। “रक्तदान महादान है, यह न केवल किसी की जान बचाता है बल्कि दानकर्ता को भी आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है,” डॉ. जाखड़ ने कहा। शिविर में जिला अस्पताल की विशेषज्ञ टीम ने रक्त संग्रह का कार्य संभाला, जिसमें लगभग 150 यूनिट से अधिक रक्त एकत्रित किए गए।
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी ने युवाओं और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा, “नीमकाथाना का सहयोग मुझे हमेशा बना रहता है!” उन्होंने वीडियो संदेश में इस बात पर जोर दिया कि नीमकाथाना की जनता का अपार समर्थन ही उनकी प्रेरणा स्रोत है। श्री चौधरी ने आगे कहा कि ऐसे सामाजिक कार्यक्रम भाजपा की सेवा भावना का प्रतीक हैं और इन्हें नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता है। “रक्तदान के माध्यम से हम न केवल शारीरिक रूप से कमजोर लोगों की मदद करते हैं, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे की मिसाल भी कायम करते हैं। मैं सभी से अपील करता हूं कि वे इस नेक कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें,” उन्होंने जोर देकर कहा।
भाजपा जिला अध्यक्ष मनोज बाटर ने भी शिविर की सराहना की और कहा कि पार्टी हमेशा स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण से जुड़े प्रयासों में अग्रणी भूमिका निभाती रहेगी। उन्होंने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए बताया कि रक्तदान न केवल जीवन रक्षक है, बल्कि यह एक स्वस्थ जीवनशैली का भी हिस्सा है। शिविर में स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं, अस्पताल स्टाफ और आमजन की भारी भीड़ उमड़ी। कई लोगों ने पहली बार रक्तदान किया, जो इस आयोजन की सफलता का प्रमाण है।
डॉ. जाखड़ ने अंत में धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे शिविरों का आयोजन जारी रहेगा, ताकि नीमकाथाना क्षेत्र रक्तदान के क्षेत्र में अग्रणी बने। यह शिविर न केवल चिकित्सकीय दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि सामाजिक एकजुटता का भी प्रतीक सिद्ध हुआ।


