फतेहपुर में स्लीपर बस-ट्रक की भीषण टक्कर, 3 की मौत; 28 घायल

फतेहपुर शेखावाटी में जयपुर-बीकानेर हाईवे पर स्लीपर बस और ट्रक की जोरदार भिड़ंत में 3 लोगों की मौत और 28 यात्री घायल हो गए।

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राजस्थान के शेखावाटी अंचल में मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। फतेहपुर शेखावाटी के पास जयपुर–बीकानेर राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार स्लीपर बस और ट्रक की आमने-सामने हुई जबरदस्त भिड़ंत में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 28 यात्री घायल हो गए। इनमें से सात की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। यह हादसा रात करीब 10:40 बजे हुआ, जब ज्यादातर यात्री गहरी नींद में थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। कई यात्री अपनी सीटों में बुरी तरह फंस गए। हादसे की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। टक्कर के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और चारों तरफ चीख-पुकार गूंज उठी।

खाटूश्यामजी दर्शन को जा रही थी बस

जानकारी के मुताबिक स्लीपर बस बीकानेर की ओर से जयपुर जा रही थी। बस में सवार कई यात्री खाटूश्यामजी के दर्शन के लिए जा रहे थे। वहीं ट्रक झुंझुनूं से बीकानेर की तरफ रवाना हुआ था। जैसे ही दोनों वाहन फतेहपुर के पास पहुंचे, अचानक तेज गति में सीधी टक्कर हो गई।

टक्कर इतनी खतरनाक थी कि बस का इंजन और ड्राइवर केबिन पूरी तरह अंदर धंस गया। शीशे टूटकर सड़क पर बिखर गए और बस के आगे के हिस्से में बैठे कई यात्री बुरी तरह घायल हो गए।

चीख-पुकार, लाशें और खून से सना हाईवे

हादसे के बाद घटनास्थल पर जो मंजर था, वह दिल दहला देने वाला था। बस के अंदर लोग दर्द से कराहते रहे, कुछ यात्री मदद के लिए चीखते रहे। हाईवे से गुजर रहे वाहन रुक गए। स्थानीय लोग सबसे पहले मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी।

बस के भीतर फंसे यात्रियों को निकालने के लिए शीशे तोड़े गए, सीटें काटी गईं और कई लोगों को खिड़कियों के रास्ते बाहर निकाला गया। कुछ यात्रियों को निकालने में आधे घंटे से ज्यादा का समय लग गया। इस दौरान कई लोग दर्द से बेहोश भी हो गए।

बस ड्राइवर समेत तीन की मौत, 7 की हालत गंभीर

इस दर्दनाक हादसे में बस ड्राइवर कमलेश और यात्री मयंक की मौके पर ही मौत हो गई। तीसरे मृतक की पहचान देर रात तक नहीं हो सकी। 15 गंभीर रूप से घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत सीकर के जिला अस्पताल रेफर किया गया।

रेफर किए गए घायलों में अनंत, तुषार पुत्र अर्जुन, राजेश पुत्र ओमप्रकाश, प्रवीण पुत्र बाबू भाई, रंजना पत्नी सुरेश भाई, मुक्ता बेन पुत्री शैतान सिंह, आशीष पुत्र रामलाल और निलेश पुत्र अमित सहित कई यात्री शामिल हैं।

13 घायल फतेहपुर अस्पताल में भर्ती

हादसे में घायल अन्य यात्रियों में सुहानी पुत्री अमित, कर्मल बेन, जमवंत पुत्र उदाराम, सुदा बेन पुत्री उत्तम, अर्जुन पुत्र उकल भाई, अमित पुत्र रमणलाल, शीला बेन पत्नी महेश भाई शामिल हैं।
फतेहपुर अस्पताल में भर्ती 13 घायलों में महेश भाई पत्नी शैतान सिंह, गंगा बेन पत्नी गोविंद भाई, कंचन, साकेत पाल, लादू पुत्र विष्णु, रमीला, रंजीत, अर्जुन, संगीता, परितेश, अतुल, इंदू बेन पत्नी जीवन भाई और एक अन्य घायल शामिल है।

डॉक्टरों की कई टीमें लगातार गंभीर घायलों का इलाज कर रही हैं। कुछ घायलों को सिर, छाती और अंदरूनी अंगों में गंभीर चोटें आई हैं।

‘अचानक तेज झटका लगा, सब कुछ बिखर गया’ – प्रत्यक्षदर्शी

घायल यात्री शीला बेन ने कांपती आवाज में बताया,
“मैं बस में दूसरी सीट पर अपने बेटे के साथ बैठी थी। हम सभी खाटूश्यामजी जा रहे थे। ज्यादातर लोग सो रहे थे। तभी अचानक एक जोर का धमाका हुआ और पूरा शरीर आगे की ओर उछल गया। आंख खुली तो चारों तरफ खून और टूटे शीशे थे।”

शीला बेन की नाक में फ्रैक्चर हुआ है और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं।

हाईवे पर फिर उठे सुरक्षा पर सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर जयपुर–बीकानेर राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हाईवे पहले भी कई बड़े हादसों का गवाह बन चुका है, लेकिन इसके बावजूद तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और रात में भारी वाहनों की बेलगाम आवाजाही पर कोई ठोस नियंत्रण नहीं है।

स्थानीय लोग लगातार मांग कर रहे हैं कि इस मार्ग पर स्पीड कैमरे, चेतावनी साइन बोर्ड, रिफ्लेक्टर और रात के समय गश्त बढ़ाई जाए। लेकिन हर हादसे के बाद कुछ दिनों तक कार्रवाई और फिर सब कुछ सामान्य — यही स्थिति बनी हुई है।

जांच शुरू, दोनों वाहन जब्त

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है।

एक और रात, तीन घरों में मातम

यह हादसा सिर्फ आंकड़ा नहीं है, बल्कि तीन परिवारों की दुनिया उजड़ गई है। किसी का बेटा चला गया, किसी का पति, किसी का सहारा। वहीं 28 घायल यात्री अभी भी दर्द से जूझ रहे हैं।

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