Bihar Exit Poll: एग्जिट पोल्स में NDA 167 तक, नीतीश की सातवीं ताजपोशी, तेजस्वी का ‘महागठबंधन’ ध्वस्त, PK का ‘जन सुराज’ फ्लॉप शो!

spot_img

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का अंतिम चरण आज (11 नवंबर 2025) समाप्त हो गया। पूरे राज्य में 66.9 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ, जो 2020 के चुनावों से काफी बेहतर है। अब सबकी निगाहें एग्जिट पोल्स पर टिकी हैं, जो मतदाताओं के मूड का पहला संकेत देते हैं। विभिन्न सर्वे एजेंसियों के एग्जिट पोल्स ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की भविष्यवाणी की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बीजेपी-जेडीयू गठबंधन को 130 से 167 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस) को 70 से 100 सीटें ही मिल पाने की संभावना है। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी का डेब्यू निराशाजनक रहा, जिसे 0 से 5 सीटें ही मिलने का अनुमान है।

यह चुनाव बिहार की राजनीति का बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। 243 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 122 सीटें जरूरी हैं। एनडीए को मिलने वाली भारी सीटें न केवल नीतीश कुमार की साख को मजबूत करेंगी, बल्कि बीजेपी के लिए भी यह एक बड़ा राजनीतिक संदेश होगा। एग्जिट पोल्स के अनुसार, विकास, बुनियादी ढांचे और रोजगार जैसे मुद्दों पर एनडीए को वोट मिले, जबकि महागठबंधन जातिगत समीकरणों पर निर्भर रहा लेकिन विफल रहा।

एग्जिट पोल्स की भविष्यवाणियां (सीटों का अनुमान)

एजेंसी एनडीए महागठबंधन जन सुराज अन्य
टाइम्स ऑफ इंडिया 130-160 70-100 0-5 3-8
एनडीटीवी पोल ऑफ पोल्स 133-167 73-91 0-0 5-10
न्यूज18 135-150 88-103 0-1 3-7
मैट्रिज-आईएएनएस 147-167 70-90 0-2 2-8
द हिंदू 130-160 70-100 0-8 3-5
दैनिक भास्कर 145-160 73-91 0-3 5-7
पीपुल्स पल्स 133-159 75-101 0-5 3-6
टीआईएफ रिसर्च 145-163 76-95 0-0 3-6
पोलस्ट्रैट 133-148 87-102 0-2 3-6

एग्जिट पोल्स में एनडीए की मजबूत पकड़ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में दिखाई दे रही है। पहले चरण (6 नवंबर) में 64.66 प्रतिशत मतदान के बाद दूसरे चरण में 67.14 प्रतिशत मतदान हुआ। चुनाव आयोग ने इसे ऐतिहासिक बताया है। एनडीए के पक्ष में ‘एकतरफा लहर’ की बात हो रही है, जबकि महागठबंधन के वादों का असर सीमित रहा। प्रशांत किशोर की पार्टी, जो बिहार में नया विकल्प बनने का दावा कर रही थी, एग्जिट पोल्स में लगभग नगण्य दिखाई दे रही है। दैनिक भास्कर और मैट्रिज जैसे पोल्स ने एनडीए को 147 से अधिक सीटें दी हैं, जो 2020 की तुलना में काफी बेहतर है।

नीतीश कुमार की सातवीं बार मुख्यमंत्री पद की कुर्सी पर वापसी लगभग तय मानी जा रही है। बीजेपी नेता ने इसे ‘भारी बहुमत’ बताया, जबकि आरजेडी के तेजस्वी यादव ने एग्जिट पोल्स को खारिज करते हुए 14 नवंबर को आने वाले नतीजों पर भरोसा जताया। विशेषज्ञों का मानना है कि एनडीए की जीत बिहार में विकास मॉडल की स्वीकृति को दर्शाती है। हालांकि, एग्जिट पोल्स हमेशा सटीक नहीं होते, लेकिन यह संकेत साफ है कि बिहार की जनता स्थिर सरकार चाहती है।

चुनाव परिणाम 14 नवंबर को घोषित होंगे। तब तक एग्जिट पोल्स बहस का विषय बने रहेंगे। बिहार की राजनीति में यह चुनाव जाति से ऊपर उठकर विकास पर केंद्रित रहा, जो राज्य के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है।

आर्यन जाखड़
आर्यन जाखड़http://politicsheadline.in
आर्यन जाखड़ एक राजनीतिक और व्यापारिक समाचार लेखक हैं, जो भारतीय शासन, चुनाव और आर्थिक रुझानों पर अपनी सटीक विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। आर्यन जाखड़, पॉलिटिक्स हैडलाइन के प्रधान संपादक हैं।

ताज़ातरीन खबरें

spot_imgspot_img

यह भी पढ़ें

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img