बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण की वोटिंग को लेकर राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं। इस चरण में 122 सीटों पर कुल 1,302 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा। चुनाव आयोग के मुताबिक, सोमवार सुबह से ही वोटिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और सभी जिलों में शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए 4 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। दूसरे चरण में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा, अररिया और कटिहार जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं।
सीमांचल और मिथिलांचल के कई जिले इस चरण में मतदान के दायरे में हैं, जहां मुस्लिम आबादी का घनत्व अधिक है। ऐसे में यह चरण सत्ता पक्ष और विपक्ष—दोनों के लिए निर्णायक माना जा रहा है। पहले चरण में 121 सीटों पर 65 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हुआ था, जो बिहार के चुनावी इतिहास में एक नया रिकॉर्ड बना।
इस चरण में नीतीश सरकार के कई दिग्गज मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर है। इनमें सुपौल से मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, चकाई से सुमित कुमार सिंह, झंझारपुर से नीतीश मिश्रा, अमरपुर से जयंत राज, छातापुर से नीरज कुमार बबलू, बेतिया से रेणु देवी, धमदाहा से लेशी सिंह, हरसिद्धि से कृष्णानंदन पासवान और चैनपुर से जमा खान जैसे बड़े नाम शामिल हैं। 14 नवंबर को इन सभी सीटों के परिणाम घोषित किए जाएंगे।
जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। श्री सौरभ जोरवाल, जिला मजिस्ट्रेट ने कहा— “चुनाव की सभी तैयारियां पूरी हैं। सभी मतदान केंद्रों पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं और पुलिस बल की भारी तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो। हमारा लक्ष्य शांतिपूर्ण और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना है।”
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, दूसरे चरण में कुल 3.7 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें 1.75 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। वहीं 18 से 19 वर्ष के युवा मतदाताओं की संख्या 7.69 लाख है। यह वर्ग राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पहली बार वोट डालने वाले युवाओं का रुझान चुनावी समीकरण बदल सकता है।
नवादा जिले की हिसुआ सीट इस चरण में सबसे बड़े मतदाता क्षेत्र के रूप में उभरी है, जहां 3.67 लाख से अधिक मतदाता हैं। वहीं लौरिया, चनपटिया, रक्सौल, त्रिवेणीगंज, सुगौली और बनमखी सीटों पर सबसे अधिक 22-22 उम्मीदवार मैदान में हैं। इससे कई सीटों पर वोटों के बंटवारे की संभावना जताई जा रही है।
दूसरे चरण के मतदान में स्थानीय मुद्दों के साथ बेरोजगारी, महंगाई और विकास योजनाएं प्रमुख एजेंडा बने हुए हैं। राजनीतिक दलों की निगाहें अब ग्रामीण और महिला मतदाताओं पर हैं, जो इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
चुनाव आयोग ने सभी जिलों में हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और मतदाताओं से अपील की है कि वे निर्भय होकर मतदान करें। राज्य के पुलिस महानिदेशक ने कहा है कि किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने या हिंसा भड़काने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


