अंता विधानसभा उपचुनाव 2025 (Anta By Election 2025) की रणभेरी बज चुकी है और अब जनता अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने के लिए तैयार है। चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद अब मतदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस क्रम में निर्वाचन विभाग ने एक सराहनीय पहल के तहत होम वोटिंग (Home Voting) की प्रक्रिया आरंभ की, जिसके पहले चरण का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। इस चरण में 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं ने अपने घर से ही मतदान कर लोकतंत्र के इस पर्व में अपनी भागीदारी निभाई।
पहले चरण में 284 मतदाताओं ने किया मतदान
अंता विधानसभा उपचुनाव के तहत पहले चरण में घर-घर जाकर डाक मतपत्र (Postal Ballot) के माध्यम से मतदान कराया गया। इस प्रक्रिया में कुल 284 पात्र मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिनमें 184 वरिष्ठ नागरिक और 100 दिव्यांग मतदाता शामिल थे। निर्वाचन विभाग के अनुसार, सभी मतदाताओं को आवश्यक जानकारी और मतदान सामग्री उनके घर पर पहुंचाई गई, ताकि कोई भी व्यक्ति अपने वोट देने के अधिकार से वंचित न रहे।
10 विशेष मतदान दलों ने निभाई जिम्मेदारी
होम वोटिंग प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए जिला निर्वाचन विभाग ने कुल 10 विशेष मतदान दल गठित किए थे। ये टीमें अपने निर्धारित क्षेत्रों में जाकर मतदाताओं के घरों तक पहुंचीं और मतदान की पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से पूरी की। मतदान अधिकारियों ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और आवश्यक दस्तावेजों के साथ घर-घर जाकर मतदान करवाया।
दूसरा चरण 7 और 8 नवंबर को
जिला निर्वाचन आयोग ने जानकारी दी कि पहले चरण की सफलता के बाद अब दूसरे चरण की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। आगामी 7 और 8 नवंबर को दूसरे चरण की होम वोटिंग आयोजित की जाएगी। इस चरण में भी पात्र वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं को घर बैठे मतदान की सुविधा दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि होम वोटिंग का उद्देश्य हर नागरिक को वोट देने का अवसर प्रदान करना है, चाहे वे किसी शारीरिक कारणवश मतदान केंद्र तक न पहुंच सकें।
11 नवंबर को होगा मुख्य मतदान
अंता विधानसभा उपचुनाव के लिए मुख्य मतदान 11 नवंबर को होगा। इस उपचुनाव में प्रमुख मुकाबला कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया और बीजेपी के मोरपाल सुमन के बीच है, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा भी मैदान में हैं। विधानसभा क्षेत्र में करीब 2.25 लाख मतदाता हैं, जिनमें माली समाज के लगभग 40 हजार, अनुसूचित जाति के 35 हजार और मीणा समुदाय के 30 हजार मतदाता निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। इसके अलावा धाकड़, ब्राह्मण, बनिया और राजपूत समाज के वोट भी चुनावी समीकरण को प्रभावित करेंगे।


